बैतूल-पटिया का घटिया खेल धड़ल्ले से जारी खनिज विभाग सबकुछ जानकर भी अनजान

बैतूल-जिले में खनिज परिवहन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डंपरों में अब भी अवैध रूप से ओवरलोड पटिया लगाकर रेत का परिवहन खुलेआम किया जा रहा है। इस गंभीर विषय को लेकर बैतूल निवासी वाहन मालिक अनिल पवार ने खनिज अधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कलेक्टर द्वारा ओवरलोड पटिया हटाने के स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद खनिज विभाग इन आदेशों का पालन कराने में असफल रहा है। रेत खदानों से ही ओवरलोड डंपर निकल रहे हैं, खनिज अधिकारी से मौके पर पहुंचकर कार्यवाही करने की मांग की गई है। अनिल पवार सहित अन्य वाहन मालिकों ने आवेदन में बताया कि जिले में जिन लोगों के पास दस या उससे अधिक वाहन हैं, उनकी गाड़ियों से आज तक ओवरलोड पटिया नहीं हटवाई गई हैं। इससे यह साफ है कि खनिज विभाग प्रभावशाली व्यक्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन मालिक, जिनके पास कम संसाधन हैं और जो नियमों का पालन करते हुए ईमानदारी से खनिज ढुलाई करना चाहते हैं, उनके लिए यह व्यवस्था असमानता पैदा कर रही है।आवेदन में यह भी कहा गया है कि रेत जैसे खनिज की ढुलाई में कई डंपर रात के अंधेरे में तय मात्रा से कहीं अधिक रेत भरकर लाते हैं। इसके लिए वे वाहनों में लोहे और लकड़ी की पटिया अवैध रूप से लगाते हैं, जिससे ओवरलोडिंग होती है। यह खनिज नियमों का उल्लंघन है, और उन छोटे वाहन मालिकों के साथ अन्याय है जो नियमानुसार काम करना चाहते हैं।अनिल पवार ने यह भी आरोप लगाया कि खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से ओवरलोड डंपर संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ये लोग मनमर्जी से शहर में रेत बेचते हैं, जिससे अन्य वाहन मालिकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोग भूखे मरने की स्थिति में आ चुके हैं क्योंकि नियमों का पालन करने पर हमें उतना काम नहीं मिल रहा जितना अवैध तरीकों से काम करने वालों को मिल रहा है।समस्या के समाधान के लिए अनिल पवार ने सुझाव दिया है कि खदान मालिकों को यह स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे केवल उन्हीं गाड़ियों में रेत भरें, जिनसे ओवरलोड पटिया हटा दी गई हो। इससे ओवरलोडिंग की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन हो सकेगा। उन्होंने खनिज अधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई वाहन मालिक नियमों की अवहेलना न कर सके और सभी को समान रूप से काम करने का अवसर मिल सके। उन्होंने अपने आवेदन की एक प्रति खनिज संयुक्त संचालक, भोपाल को भी प्रेषित की है, ताकि यह मामला उच्च स्तर पर गंभीरता से लिया जाए और जल्द कार्रवाई हो।